घाटशिला, अप्रैल 15 -- पोटका। पोटका प्रखंड के कई गांवों में वर्षा ऋतु के खत्म होते ही पेयजल संकट गहराने लगता है एवं ग्रीष्म ऋतु आते-आते यह भयावह रूप ले लेता है। ऐसा ही उदाहरण प्रखंड के उड़ीसा सीमा से सटे रसूनचोपा पंचायत के लोवाड़ीह गांव का है। इस आदिवासी बाहुल गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। गांव के सुनाराम हेंब्रम कहते हैं हमारे गांव की आबादी 400 के करीब है। गांव में तीन चापाकल हैं जो करीब 10 महीना से खराब पड़े हैं। एक जल मीनार है, जिसका टंकी तक पानी उठाने वाला पाइप एवं सप्लाई पाइप दोनों फट जाने के कारण यह भी बंद पड़ा है। गांव की महिलाएं अन्यत्र स्थान से पानी ढोकर लाती है। मंगलवार को खराब चापाकल के सामने महिलाओं ने प्रदर्शन किया । महिलाओं ने कहा कि झारखंड सरकार के पेयजल विभाग से गुहार लगाई गई है कि यथाशीघ्र चापाकल का मरम्मत हो ए...
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