सहारनपुर, सितम्बर 1 -- देवबंद। दशलक्षण पर्व के चौथे दिन नगर के चारों जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई। इस दौरान पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वहीं श्रद्धालुओं ने तत्वार्थ सूत्र विधान के चौथे अध्याय के 42 अर्ध चढ़ाए। श्री दिगंबर जैन पारसनाथ मंदिर सरागवाड़ा में श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य निमय पूजन किया गया। इस दौरान शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश चंद प्रदीप कुमार, प्रतीक जैन और सुदेश जैन परिवार को प्राप्त हुआ। आचार्य अरुण सागर महाराज ने अपने प्रवचन में उत्तम शौच धर्म का महत्व बताया। कहा कि शौच का अर्थ शुचिता और उत्तम शौच धर्म का अर्थ आत्मा के विचारों और अभिप्रायों में पवित्रता और शुद्धता लाना है। कहा कि भौतिक सुखों, असत्य और लोभ का त्याग कर संतोष की भावना को अपनाना ही उत्...
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