सिद्धार्थ, जून 29 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। मैदान ए कर्बला की जंग सत्य और अहिंसा के बीच हुई थी। जुल्म के हद से गुजरने के बाद वक्त के बादशाह का नाम लेने वाला दुनिया में कोई नहीं है जबकि इमाम हुसैन शहीद होकर भी लोगों के दिलों में आज भी जिंदा हैं। ये बातें मौलाना अमजद हुसैन रिजवी ने मोहर्रम को लेकर डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर स्थित वक्फ शाह आलम गीर सानी में चल रही मजलिस को खिताब करते हुए शुक्रवार की रात कहीं। उन्होंने कहा कि कलाम ए पाक एक ऐसी किताब है जो हमें सीधा रास्ता दिखाती है और हमें जिंदगी गुजारने का सही तरीका बताती है। अगर हमने कुरान में लिखी बातें व बताई गई इसकी हिदायत को समझ लिया तो हम दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। मुस्लिम कौम के लोग दीन के साथ दुनियावी शिक्षा हासिल करें। अच्छी कामयाबी कुरान और नबी के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.