प्रयागराज, अक्टूबर 9 -- प्रयागराज, संवाददाता। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में चल रहे दीवाली शिल्प मेला के दूसरे दिन भारत की लोक संस्कृति, रंग, ताल व परंपरा की सुंदरता दिखाई दी। लोक गायिका प्रियंका माधुरी ने बिरहा के भाव में 'बनवा में राम गइले सिया के हरण भइले व मेला गीत बोहरिया 'परो मेलवा में सइया न भेंटाय की मनमोहक प्रस्तुति की तो आयना बोस ने लोकगीत 'ऐसा त्योहार दीवाली रौशनी वाली ये सब त्योहार की रानी व 'नई झुलनी के छइया बलम दोपहरिया बिताय ला हो की प्रस्तुति से समा बांधा। मथुरा के मुरारी तिवारी व दल ने भक्ति और सौंदर्य का संगम प्रस्तुत करते हुए मयूर नृत्य से राधा-कृष्ण की लीलाओं को मुक्ताकाशी मंच पर साकार किया। मोरपंख से सजे कलाकारों की लयबद्ध भंगिमाओं ने वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। अंतिम प्रस्तुति कतवार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.