कटिहार, अक्टूबर 7 -- कटिहार, एक संवाददाता लोक कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति सोने का सूप है। इस लघु फिल्म में स्थानीय कलाकारों ने अपनी लोक परंपरा को जीवित रखने का अनोखा प्रयास किया है। पारंपरिक पर्व-त्योहार सामाजिक एकता को सुदृढ़ बनाता है। लोक आस्था का महापर्व छठ में अपने जीवन को कला के माध्यम से जीने में एक अलग ही आनंद मिलता है। इस प्रकार का आनंद अन्य काम में कहां । यह बातें कोशी संगम प्रोडक्शन द्वारा निर्मित मोहल्ला टोला वेब सीरीज की पहली लघु फिल्म सोने का सूप का भव्य प्रीमियर मौके पर रेड 2 और अपूर्वा जैसी फिल्मों में दिखे बॉलीवुड अभिनेता माधवेंद्र झा ने कही। उन्होंने कहा कि सोने का सूप में बिहार की मिट्टी की सच्चाई और भावनाएं झलकती हैं, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकती हैं। मौके पर अतिथियों ने कहा कि यह आयोजन स्थानीय कला,...
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