फिरोजाबाद, मई 11 -- राष्ट्रीय लोक अदालत में सालों से लंबित कई वाद निस्तारित हुए। सुलह-समझौते से लोगों ने पुराने विवाद निबटाए। कई दिन से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की जा रही लोक अदालत की तैयारियों का परिणाम रहा कि कुल 111284 वादों का निस्तारण किया गया। 174611769 रुपये अर्थ दंड की वसूली की गई। जनपद न्यायाधीश डॉ.बब्बू सारंग ने प्री-लिटिगेशन प्रणाली के महत्व एवं प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए कहा इसके तहत वादों का समाधान वाद दाखिल होने से पहले ही आपसी समझौते के माध्यम से किया जाता है। न्याय में विलंब से बचा जा सकता है तो अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक भार से भी निजात मिलती है। न्याय शीघ्र एवं सहज रूप से मिलता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय का वह स्वरूप है, जहां संवेदनशीलता, सहमति और सुलह से समाधान होता है। कार्रवाई पूरी तरह से नि:शुल्क होत...
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