जमशेदपुर, दिसम्बर 2 -- सांसद विद्युत वरण महतो ने सोमवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने बताया कि झारखंड में पेयजल उपलब्धता से जुड़ी यह अत्यंत महत्वपूर्ण योजना वर्षों से अधूरी पड़ी है। सांसद के अनुसार वर्ष 2014-19 के दौरान तत्कालीन राज्य सरकार ने केंद्र के सहयोग से बागबेड़ा और गोविंदपुर जलापूर्ति योजनाओं की शुरुआत की थी। दुर्भाग्य से बाद में आरंभ हुई गोविंदपुर योजना पूरी हो चुकी है, जबकि बागबेड़ा योजना का लगभग 40 प्रतिशत कार्य अब भी लंबित है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना केंद्र सरकार का प्रमुख लक्ष्य है, लेकिन पाइपलाइन बिछाने, पंप हाउस निर्माण और जलापूर्ति परीक्षण जैसे कार्य महीनों से ...
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