सहारनपुर, दिसम्बर 2 -- टीईटी निर्णय पर शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा का मामला मंगलवार को लोकसभा में उठा। सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने शून्य काल के दौरान मामला उठाते हुए, मामले में विधायी हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि मामला उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं आजीविका से जुड़ा है। कहा एक सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय में कक्षा 1 से 8 तक कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए, नियुक्ति की तिथि चाहे जो भी हो, शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे प्रदेश सहित देश भर के करीब 20 लाख शिक्षकों का क्वालीफाइड एवं एक्जेंप्टेड दर्जा संकट में आ गया है। अनेक शिक्षक, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा एनसीटीई की 2010 की अधिसूचना के अनुसार विधिपूर्वक नियुक्त और विधिसम्मत रूप से मुक्त श्रेणी में दर्ज थे, वे...
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