लखनऊ, अक्टूबर 2 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता भारत में शस्त्र पूजन की परंपरा बेहद प्राचीन है। शस्त्र पूजन मन में समाज रक्षण का भाव पैदा करता है। यह हमारे अंतस में आत्म गौरव, आत्मरक्षण और देश रक्षण की भावना प्रबल करता है। क्षत्र अधिपति ही क्षत्रिय कहलाने का अधिकारी है। क्षत्रिय वह है जिनकी वीरांगनाओं ने बच्चों को तिलक लगाकर देश रक्षा के लिए सहर्ष भेज दिया। उक्त बातें गुरुवार को राज्यसभा सांसद डॉ.दिनेश शर्मा ने कहीं। वह भारतीय क्षत्रिय समाज, लोक अधिकार मंच एवं ऊर्जस्वी कुलश्रेष्ठ कुटुम्ब की ओर से गोमती नगर स्थित सीएमएस सभागार में हुए शस्त्र-पूजन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। डॉ.दिनेश शर्मा ने कहा कि राजा श्रीराम आदर्श क्षत्रिय थे, जिन्होंने गिरिजन, परिजन और वनवासी समाज को गले लगाकर राक्षस दल का विनाश किया, इसलिए वह मर्यादा पुरुषोत्त...
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