बस्ती, नवम्बर 27 -- बस्ती। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के जोनल अध्यक्ष का. अशर्फीलाल ने निजीकरण के खतरे पर कहा कि बिजली विभाग में संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों पर हमेशा हटा देने की तलवार लटकती रहती है। पीड़ित कर्मचारियों का परिवार आर्थिक रूप से टूट जाता है। का. अशर्फीलाल ने कहा कि बिजली कर्मचारी संघ और उनके व्यक्तिगत प्रयास से लेबर कोर्ट से हर्रैया डिवीजन से निकाले गए नौ कर्मचारियों अजीत शुक्ल, रामकिशुन, दिलीप वर्मा, रामचरन, दिलीप कुमार, सूर्यभान, जगनरायन, अलकनाथ तिवारी, राम विलास यादव को पुनः काम पर वापस लिया गया है। बताया कि लेबर कोर्ट ने ग्लोबल क्रिएशन्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह नियुक्ति सुनिश्चित कराएं। संविदा कर्मचारियों को कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरका...