शामली, फरवरी 6 -- न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने नेशनल हाइवे में अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि अवैध रूप से कलोनाइजर के खाते में ट्रांसफर करने पर लेखपाल एवं भूमि अध्यापति अधिकारी(एसएलओ) दोषी मानते हुए कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने उक्त मुआवजे की धनराशि क्लोनाइजर से वापस कर वादी को देने के साथ एक एक लाख रुपये का जुर्माना एवं सीबीआई और ईडी समेत विभिन्न एजेंसियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए है। कस्बा बनत के मोहल्ला पटेलनगर निवासी विनोद कुमार पुत्र बाबूराम ने जिला उप*ोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक वाद दायर किया था। जिसमें कहा गया कि कलोनाइजर धर्मवीर ने बनत प्रथम खसरा नंबर 1115 में कालोनी काटी थी। 30 नजवरी 2009 में उसने 30 फुटा रोड एक प्लाट शामली की महिला सुनीता को बेचा था। विनोद ने दस मई 2010 में इस प्लाट को स...
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