देहरादून, मई 20 -- लेखक गांव थानो में प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की 125वीं जयंती पर बाल कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। बाल कवियों ने सुमित्रानंदन पंत की कविताओं का सुंदर पाठ किया। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति मनमोहन सिंह रौथाण ने कहा कि सुमित्रानंदन पंत ने प्रकृति के निकट रहकर अनेक ऐसे काव्य और साहित्य लिखे हैं, जिन्हें आज भी अकल्पनीय समझा जा सकता हैं, हमें उनकी साहित्य को अधिक से अधिक पढ़ाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सुमित्रा नंदन एक युग दृष्टा कवि रहे हैं, उन्होंने अपने दृष्टि और कल्पना से प्रकृति, समाज और मानव जीवन को आत्मसात कर लेखनी से पन्नों पर उकेरा और आज उनका काव्य, साहित्य, कालजई रचनाएं और उनकी जीवनी हम सबके लिए अध्ययन ही नहीं शोध का भी विषय है और लेखक गांव इ...
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