औरंगाबाद, जनवरी 16 -- हिंदी साहित्य के चर्चित समालोचक और विचारशील लेखक विरेन्द्र यादव के निधन की खबर से बौद्धिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है। प्रधानाध्यापक अंबुज कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि विरेन्द्र यादव की लेखनी ने साहित्य को आत्ममंथन के लिए मजबूर किया। शिक्षक एवं साहित्यकार गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम ने कहा कि विरेन्द्र यादव का वैचारिक संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके निधन पर साहित्यकार प्रोफेसर अलखदेव प्रसाद अचल, समुंदर सिंह, कौशल किशोर औरंगाबादी, प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, श्रीनिवास मंडल, शिक्षक मनीष कुमार, कमलेश चंद्राकर, सारिका भूषण, अजय कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, राज प्रभाकर, जमुना कृष्णराज सहित कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साहित्य जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक य...