गुमला, फरवरी 7 -- रायडीह प्रतिनिधि। सरकार भले ही बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा जोर-शोर से बुलंद कर रही हो, लेकिन रायडीह प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय लुंगा कसईटोली में यह नारा सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। इस विद्यालय में बच्चियां बेहद विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। यहां सरकारी योजनाओं और दावों की पोल खुलती साफ दिखाई दे रही है। विद्यालय में पहली से सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई संचालित होती है। गांव एवं आस पास के टोलों के कुल 60 छात्र-छात्राओं का नामांकन है लेकिन स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कक्षा षष्ठ और सप्तम के छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। बैठने के लिए बेंच-डेस्क की समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं शौचालय की स्थिति भी बदहाल है। इस कारण छात्राओं को खुले खेतों में श...