नई दिल्ली, नवम्बर 30 -- कर्नाटक हाई कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 498A (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) न केवल वैध विवाह, बल्कि शून्य विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप पर भी पूरी तरह लागू होगी। जज सुरज गोविंदराज की एकल पीठ ने 18 नवंबर को यह व्यवस्था दी। अब यह प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 85 और 86 में शिफ्ट हो चुका है, लेकिन उसका सार वही है। यह भी पढ़ें- AI से बनी न्यूड फोटो हुई वायरल, 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड मामला एक व्यक्ति की उस याचिका से जुड़ा था जिसमें उसने अपनी दूसरी पत्नी की शिकायत पर दर्ज 498A का केस रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की पहली शादी वैध थी और उससे एक बेटी भी है। इसके बावजूद उसने 2010 में दूसरी महिला से शादी कर ली और 2016...
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