नई दिल्ली, जनवरी 11 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी की एक याचिका पर केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश दिया है। याचिका में पारिवारिक पेंशन में लिव-इन पार्टनर को शामिल करने की मांग की गई है। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता सरकारी कर्मचारी ने कभी भी अपने रिश्ते को नहीं छिपाया। ऐसे में उनकी साथी और बच्चों को सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों से वंचित करने के लिए 'गंभीर दुराचार' मानना ​​गलत है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की याचिका पर विचार करे। इसमें पारिवारिक पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पेंशन भुगतान आदेश में 40 साल से उनके साथ रह रही उनकी साथी और उनके बच्चों के नाम शामिल करने की मांग की गई है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने माना कि याचिकाकर्ता सरका...