नई दिल्ली, फरवरी 14 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह यह तय करेगा कि क्या किसी महिला के साथ लिव इन में रहने वाले व्यक्ति पर उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा चला सकते हैं या नहीं?' शीर्ष अदालत के समक्ष कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण कानूनी सवाल सामने आया है। हाईकोर्ट ने एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए जो कि बीएनएस की धारा 85 के समान है, के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि याचिका में महत्वपूर्ण कानूनी सवाल जुड़ा है और इस इस पर विस्तार से विचार करने की जरूरत है। आईपीसी की धारा 498ए पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा विवाहित महिला के साथ किए गए उत्पीड़न को दंडनीय अपराध बनाती है। इसके साथ ही, सुप्रीम ...