वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बनारस लिटरेचर फेस्टिवल (बीएलएफ) के चौथे संस्करण के तीसरे दिन रविवार को साहित्य केवल शब्दों में नहीं, बल्कि विचारों, सपनों और दूरदृष्टि में धड़कता दिखाई दिया। ज्ञान गंगा मंच पर फेस्टिवल के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक और सचिव बृजेश सिंह ने पंकज भार्गव के साथ संवाद सत्र में बीएलएफ की यात्रा, उसके वैश्विक विस्तार और भविष्य के सांस्कृतिक स्वप्न का खाका प्रस्तुत किया। डॉ. दीपक मधोक ने कहा कि चार वर्ष पूर्व आरंभ हुआ यह नन्हा प्रयास आज साहित्यप्रेमियों और विचार-यात्रियों का विशेष तीर्थ बन चुका है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय टीम वर्क और सामूहिक संकल्प को देते हुए कहा कि बीएलएफ ने सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य पवित्र हो तो सीमाएं स्वतः टूटती जाती हैं। उन्होंने युवाओं की ओर संकेत करते हुए कहा, मेरा दायित्व है क...