वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आज के खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं और आलोचनाओं का अत्यधिक दबाव है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि सोशल मीडिया के दबाव वाले दौर से पहले ही मैंने खेल जीवन पूरा कर लिया। यह बातें अंतरराष्ट्रीय फुटबालर बाईचुंग भूटिया ने कहीं। वह बनारस लिट् फेस्ट के अंतिम दिन रविवार को प्रदीप मधोक के साथ संवाद कर रहे थे। बाइचुंग ने कहा कि फुटबाल के अलावा मुझे किसी भी चीज में आनंद नहीं आया। जब तक मैं खेल से सीधे जुड़ा रहा तब तक मैदान के बाहर की दुनिया मेरे लिए मायने नहीं रखती थी। बचपन में मैं जिस महौल में था वहां फुटबाल और संगीत का क्रेज था। एक सफल खिलाड़ी बनने के लिए सारे गुण और कौशल एक तरफ हैं, अनुशासन एक तरफ है। अगर आप अनुशासित नहीं रहेंगे तो दूसरा कोई काम भले कर लें लेकिन किसी खेल में आप सफल नहीं हो सकते। समय के...
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