वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। चर्चित फिल्म अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने कहा है मैं जब बहुत संकट में थी तब काशी विश्वनाथ ने मेरी रक्षा की। मैंने उनके दर्शन का संकल्प क्या किया सारी मुश्किलें आसान होती चलीं गईं। टिस्का चोपड़ा बनारस लिट् फेस्ट में शनिवार को पंकज भार्गव के साथ संवाद कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इस शहर में कुछ तो ऐसा है जिसकी वजह से पांच हजार वर्षों से इसकी परंपराएं और संस्कृति जस की तस हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चर्चित फ़िल्म चटनी की कहानी गुस्से की उपज थी, क्योंकि हिंदी फ़िल्मों में महिलाओं के लिए अक्सर बेहद सीमित और रूढ़ छवियों वाले किरदार ही लिखे जाते हैं। उनके अनुसार, हिंदी सिनेमा में स्त्री पात्रों को प्रायः तीन खांचों बेव, भाभी और बीजी में बांध दिया जाता है, जबकि चटनी की नायिका वनिता इन तयशुदा सीमाओं को तोड़...
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