वाराणसी, फरवरी 2 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। मुल्क में रहना है तो साथ रहना होगा, विरोध में नहीं। आस्था किसी एक परंपरा तक सीमित नहीं है। वह सभी संस्कृतियों से परे है। इतिहास के अपूर्ण लेखन के कारण लोगों में गलत धाराणाएं बैठ गई हैं। यह तभी बदल सकती हैं जब इतिहास के सभी पहलुओं को सामने लाया जाए। सिर्फ राजनीति और युद्ध ही इतिहास नहीं है। यह कहना है ख्यात लेखक और विचारक एमजे अकबर का। वह बनारस लिट् फेस्ट में रविवार को संवाद सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्योतिष मुगल दरबार की सोच और निर्णय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा था लेकिन इसपर खुलकर लिखा ही नहीं गया। औपनिवेशिक इतिहासकारों ने इसे जानबूझकर हाशिए पर रखा। उन्होंने उदाहरण दिया कि हुमायूं अंक '7' को शुभ मानता था और ज्योतिषीय गणनाओं पर गहरा विश्वास करता था। दरबार में ज्योतिष राज और ज्योतिष र...
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