नई दिल्ली, जनवरी 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लावारिस कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए समुचित कदम नहीं उठाए जाने पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकांश राज्य सरकारें कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, शेल्टर और कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर 'हवा-हवाई बातें' कर रही हैं। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश आंकड़े, मानव संसाधन और एक स्पष्ट कार्ययोजना के बगैर गोलमोल दावे कर रही हैं। पीठ ने इस बात पर चिंता जताई कि राज्य सरकारें लावारिस कुत्तों की नसबंदी की क्षमता बढ़ाने के उसके आदेशों का प्रभावी तरीके से पालन करने के बजाए कहानियां बना रही है। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि हलफनामों से साफ पता चलता है अधिकांश राज्य...