अमरोहा, जून 11 -- सीजीएसटी के कर अधीक्षक और अधिवक्ता खुद अपने ही बुने जाल में फंसते चले गए। 50 लाख रुपये का नोटिस भेजने की धमकी देकर रिश्वत वसूलने के लिए बनाए जा रहे दबाव ने मामला आखिर में सीबीआई तक पहुंचा दिया। इस पूरे प्रकरण में शामिल रहे एक अन्य व्यक्ति की भूमिका अभी और संदेह के घेरे के बीच खड़ी है। जिसे फिलहाल अभी मुकदमे में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, जांच में सीबीआई उसे भी आरोपी बना सकती है। नेवी रिटर्न गौरव सिरोही अब अपना कारोबार कर रहे हैं। वर्तमान में उनकी कई कंस्ट्रक्शन कंपनियां चल रही हैं। कोरोना के बुरे दौर में उन्होंने अपनी एक कंपनी की आईटीआर तो जमा करा दी थी लेकिन वह उसकी जीएसटी फाइल नहीं कर पाए थे। अपनी उसी कंपनी को कानूनी तरीके से बंद करने के लिए बीते महीने उन्होंने जीएसटी के कई जानकर लोगों से संपर्क किया था जिनमें अध...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.