हाजीपुर, मार्च 24 -- लालगंज। संवाद सूत्र हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च से रामनवमी 06 अप्रैल तक गंडक परियोजना परिसर में होने वाले श्री चंडी महायज्ञ की तैयारी को श्रद्धालुओं की बैठक हुई। जिसमें उपस्थित लोगों के बीच महायज्ञ के कार्यों का बटवारा किया गया। बैठक में उपस्थित हुए धर्मसंघ के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित रामाशंकर शास्त्री ने कहा कि सनातन नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही वास्तविक नव वर्ष हैं। जिसका स्वागत प्रकृति भी करती हैं। इस समय वृक्षों की पुरानी पत्तियां झर जाती हैं, वृक्षों में नव पत्तियां आ जाती हैं। वायुमंडल का कुहासा, कुहरा, धुंध समाप्त होकर आकाश निर्मल हो जाता हैं। उन्होंने कहा कि सनातन नव वर्ष वासंतिक नवरात्र का प्रथम दिन होता हैं जो पूजा, पाठ, योग साधना से शुरु होता हैं। इससे साधकों के जीवन में दिव...
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