नई दिल्ली, जनवरी 20 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। लामा-2 (काग्निशियल मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) बीमारी से जूझ रहे बच्चों और उनके अभिभावकों को केंद्र सरकार से मदद की आखिरी उम्मीद है। इस लाइलाज बीमारी की दवा तैयार करने के लिए जापान की एक कंपनी काम कर रही है, लेकिन उसे इंसानों पर परीक्षण की अनुमति नहीं मिल रही है। ऐसे में गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन बच्चों के परिजनों ने पोस्टर अभियान शुरू किया है। वे प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी पोस्टर भेजकर इंसानों पर परीक्षण के आदेश की मांग करेंगे। लामा-2 बीमारी से जूझ रही दो साल की बच्ची की मां और इस अभियान की अगुवाई कर रहीं श्रुति गुप्ता ने बताया कि कुछ माह पूर्व वे इस मांग को लेकर चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल से भी मिली थीं। लामा-2 बीमारी जिसे लेमिनिन अल्फा-2 ...
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