बस्ती, जनवरी 12 -- बस्ती, निज संवाददाता। सरकारी अस्पतालों को जहां प्रसव का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो रहा है, वहीं प्राइवेट अस्पतालों में खूब प्रसव हो रहे हैं। इसमें बड़ी भूमिका स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा वर्कर्स निभा रही हैं। पिछले दिनों सीडीओ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि 70 से अधिक आशा ऐसी हैं, जिन्होंने इस सत्र में एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया है। 78 ऐसी आशा संगिनी चिन्हित की गई हैं, जिनके क्षेत्र में सात या उससे कम प्रसव पिछले आठ माह में हुआ है। आशा संगिनी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक आशा प्रति माह कम से कम एक संस्थागत प्रसव जरूर कराए। संगिनी इस पर नजर रखे। अगर इसमें किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो संगिनी से जवाब तलब कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के कड़े रुख के बाद निजी अस्पतालों के ल...