गुरुग्राम, जून 9 -- अरावली पर्वतमाला जिसे पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अब मानव इतिहास के एक नए अध्याय को भी उजागर कर रही है। दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर दूर दमदमा क्षेत्र में पुरापाषाण काल की दुर्लभ कलाकृतियां मिली है। जून में जारी हुई ग्रीनवॉल प्रोजेक्ट के तहत किए गए एक विस्तृत सर्वेक्षण में ऐसे पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं, जो बताते हैं कि एनसीआर में लाखों साल पहले भी इंसानों का बसेरा था। हरियाणा वन विभाग और गुरुजल फाउडेंशन के द्वारा ग्रीनवॉल प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले अरावली के 420 एकड़ इलाके में पुरातत्व विरासत अनुसंधान और प्रशिक्षण अकादमी द्वारा सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान विशेषज्ञों को प्रागैतिहासिक काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक इस क्षेत्र में मानव गतिविधियां लगातार जारी रहने के साक्ष्य मिले...
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