बेगुसराय, फरवरी 18 -- बछवाड़ा, निज संवाददाता। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का काम फिर ठप पड़ा है। गांवों में जगह-जगह कचरों का अंबार लग रहा है। पंचायतों में कचरा उठाव के लिए सरकारी तौर पर उपलब्ध कराए गए ठेले व डस्टबिन नाकाम पड़े हैं। बताया गया है कि वर्ष 2022 के मार्च-अप्रैल माह में पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन व लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कचरा प्रबंधन का काम जोर-जोर से शुरू किया गया था। ठोस एवं तरल कचरे को अलग-अलग रखने के लिए संबंधित पंचायत के मुखिया द्वारा घर-घर में डिब्बे उपलब्ध कराए गए थे। प्रत्येक पंचायत में मनरेगा की योजना से 7 लाख 50 हजार रुपये लागत से कचरा निस्तारण केंद्र भी बनवाया गया। पंचायतों में वार्ड स्तर पर घर-घर से कचरा उठाने के लिए दो- दो स्वच्छता कर्मियों की तैनाती...
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