चंदौली, दिसम्बर 8 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। शासन की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना था, लेकिन शहाबगंज विकासखंड के खिलची रजडीहा गांव में लाखों की लागत से बना सुखदेव अमृत सरोवर आज उपेक्षा का शिकार होकर समाप्ति की कगार पर पहुंच गया है। वर्ष 2022-23 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत करीब 15 लाख रुपये से अधिक की लागत से इस सरोवर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि अमृत सरोवर के निर्माण कार्य में व्यापक अनियमितताएं देखने को मिली थीं। सरोवर निर्माण के दौरान सीढ़ियों, बैठने के लिए बेंच और रंग रोगन कर सौंदर्यीकरण किया गया था। निर्माण पूर्ण होने के बाद इसका लोकार्पण विधिवत रूप से किया गया था। लेकिन मात्र दो वर्षों में ही सरोवर की स्थिति जर्जर हो चुकी है। कभी ...