गोरखपुर, जनवरी 5 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। प्रदेश में नशीली दवा के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। थोक दुकानों के लाइसेंस की प्रक्रिया को सरकार ने जटिल कर दिया है। अब लाइसेंस के लिए कागजी कार्रवाई बढ़ा दी है। लाइसेंस का आवेदन करने से दौरान आवेदक को पिछले तीन साल का अपना व्यवसाय का रिकॉर्ड देना होगा। इस संदर्भ में शपथ पत्र देना होगा। इसके अलावा थोक दुकान आवेदक के अनुभव की जांच भी होगी। आमतौर पर ज्यादातर आवेदक किसी दूसरे थोक दुकान से अनुभव का प्रमाण पत्र लगाते हैं। अब अनुभव प्रमाण पत्र का वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह वेरिफिकेशन करना ड्रग इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी होगी। वह अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाले फर्म पर जाकर इसकी जांच करेंगे। खाद एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त ने नए लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर गाइडला...
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