बेगुसराय, मई 3 -- सिंघौल, निज संवाददाता। पिछले एक माह से मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कभी दिन में तापमान काफी कम हो जाता है तो कभी भीषण धूप से सामना हो रहा है। ऐसे में बदलते मौसम का प्रभाव खेतों में लगे गरमा फसल पर भी देखने को मिल रहा है। खासकर लत्तर वाली सब्जियों जैसे नेनुआ, करेला, लौकी और खीरा जैसी फसलों में फल मक्खी कीट का प्रकोप हो सकता है और कृषि विशेषज्ञों ने इसकी निगरानी करने की सलाह दी है। इन फसलों को क्षति पहुंचाने वाला यह प्रमुख कीट है। यह घरेलू मक्खी की तरह दिखाई देने वाली भूरे रंग की होती है। मादा कीट मुलायम फलों की त्वचा के अन्दर अंडे देती है। अंडे से पिल्लू निकलकर अन्दर ही अन्दर फलों के भीतरी भाग को खाता है। जिसके कारण पूरा फल सड़ कर नष्ट हो जाता है। इस कीट का प्रकोप शुरू होते ही 1 किलोग्राम छोआ, 2 लीटर मैला...
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