चंदौली, अगस्त 29 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। चकिया में कौमी एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द्र का प्रतीक मेला लतीफशाह परम्परागत रूप से तीज के तीसरे दिन से गुरुवार से आरम्भ हो गया। बाबा लतीफशाह की मजार पर आस-पास के जनपद और बिहार प्रांत से आये जायरीनो ने जियारत और दुआ-ख्वानी की। वहीं हिंदू भाईयो ने चादरपोशी कर मन्नते मांगी। लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। वहीं बनवासी दास मंदिर में भी पूजा अर्चना हुई। कर्मनाशा नदी के तट और पहाड़ी पर स्थित बाबा लतीफशाह की मजार, सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बनवारी दास का मंदिर हैं। जो हिंदू-मुस्लिम भाईयो के एकता, अखंडता और साम्प्रदायिक सौहार्द्र का प्रतीक हैं। वैसे तो प्रत्येक शुक्रवार को यहां आस-पास के जनपदों से मुस्लिम बन्धु जियारत, चादरपोशी और दुआ-ख्वानी करने के साथ-साथ प्...