सत्येन्द्र कुलश्रेष्ठ, अगस्त 31 -- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी ऋण योजना के लिए होने वाले आवेदनों को बैंक के स्तर अजब तर्क देकर निरस्त किया जा रहा है। इसमें से एक तर्क है कि आवेदिका युवती कुंवारी है, इसलिए बैंक ऋण नहीं दे सकता है। प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल योजना का कुछ यही हाल है। सीएम युवा उद्यमी विकास योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। इसी सोच के साथ नौरंगाबाद निवासी गीता कुमारी ने हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग के लिए उद्योग विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया। लोन की फाइल स्वीकृति के लिए ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यवर्त पहुंची। जहां से गीता का आवेदन इस तर्क के साथ अस्वीकृत किया गया कि आवेदिका के कुंवारी होने के चलते लोन नहीं दिया जा सकता है। यह भी पढ़ें- गुड न्यूज: सोलर ...
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