भागलपुर, फरवरी 6 -- कजरा। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपस्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व जरूरी संसाधनों की भारी कमी है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों की बड़ी आबादी इलाज के लिए ग्रामीण चिकित्सकों पर निर्भर रहने को मजबूर है। गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को सूर्यगढ़ा, लखीसराय या मुंगेर जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। खासतौर पर महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी तय करने के दौरान कई बार मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ की जाएं और नियमित रूप से डॉक्टरों की तैनाती हो, तो आम जनता को का...