भागलपुर, जनवरी 13 -- कजरा। घटते जल स्तर और पटवन में लगातार हो रहे जल दोहन से खेतों की सिंचाई के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। खेतों से नमी लगातार गायब हो रही है। खेतों में नमी नहीं बचने से किसान पूरी तरह सिचाई पर निर्भर हो गए हैं। इस कारण रबी मौसम में फसल तैयार करने में औसतन से 3 गुना पटवन करना पड़ रहा है। बुजुर्ग एवं सक्रिय किसानों का कहना है कि सुखाड़ तो कई बार देखा,लेकिन इस तरह के हालात का सामना नहीं करना पड़ा। पहले जब बारिश नहीं होती थी तभ भी वातावरण में कुहासा और ओस गिरने का सिलसिला जारी रहता था। कुहासा गिरने से हल्की बारिश की शक्ल में ओस गिरता है। इससे खेतों में हमेशा नमी बनी रहती थी। रबी या खरीफ फसलों को तैयार करने में कम सिंचाई की आवश्यकता पड़ती थी।
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