लखनऊ, फरवरी 10 -- शहर में प्राइवेट, सरकारी और सहायता प्राप्त सभी बोर्ड के 3000 स्कूल हैं। करीब 10 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हैं। इनमें से ज्यादातर प्राइवेट वाहनों, ई रिक्शा, टेम्पो, निजी वैन या बस से जा रहे हैं। इनमें से सिर्फ 350 उन स्कूलों के ड्राइवरों का ब्योरा मिला है जिनकी अपनी वैन या बस हैं। जिन स्कूलों में प्राइवेट वैन-बस, ई रिक्शा या टेम्पो से बच्चे आ रहे हैं उन्होंने पल्ला झाड़ लिया है। करीब छह माह बाद जिला स्तरीय विद्यालय परिवहन समिति की बैठक अगले सप्ताह होने जा रही है। इसमें डीएम के समक्ष यह ब्योरा रखा जाएगा। हैरत की बात है कि शहर में कुल 1837 वाहन ही आरटीओ में स्कूली कार्य के लिए पंजीकृत हैं। इनमें ई रिक्शा, ऑटो, टेम्पो, ई ऑटो आदि शामिल नहीं हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में प्राइवेट वैन भी बच्चों को स्कूल ले जा रह...
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