उरई, नवम्बर 14 -- कोंच। नगर के बजरिया स्थित श्री नवलकिशोर रामलीला महोत्सव में कुंभकरण वध और लक्ष्मण शक्ति का मंचन हुआ। कलाकारों ने लीलाओं का अद्भुत मंचन किया। कुंभकरण के रण में आने से लेकर उसके वध तक के दृश्य ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। विशाल देहधारी कुंभकरण जब रणभूमि में उतरा तो तालियों और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रीराम और कुंभकरण के बीच युद्ध के प्रभावशाली दृश्यों को देखकर दर्शक अपनी जगह से हिल नहीं पाए। वहीं लक्ष्मण शक्ति प्रसंग में जब मेघनाद के बाण से लक्ष्मण मूर्छित हुए, तो पूरे मंचन स्थल पर गमगीन सन्नाटा छा गया। इसके बाद हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने का दृश्य इतना भावनात्मक था कि कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। रामलीला में रावण की भूमिका चमचू दुबे, कुंभकर्ण की भवानी प्रसाद सेठ, सुग्रीव की मोहित दुबे, हनुमान की शिवां...
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