मधुबनी, सितम्बर 6 -- घोघरडीहा,निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में मवेशियों में तेजी से फैल रहे लंपी त्वचा रोग को लेकर पशुपालकों में चिंता बनी हुई है। इस बीच पशु चिकित्सकों के परामर्श के साथ ही ग्रामीण स्तर पर पारंपरिक पद्धति से उपचार की जानकारी भी दी जा रही है। इसमें स्थानीय जड़ी बूटियों और घरेलू सामग्रियों का उपयोग कर संक्रमित पशुओं को आराम दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आयुष रंजन का कहना है कि यह उपचार परंपरागत अनुभव पर आधारित है, लेकिन सबसे सुरक्षित तरीका पशु चिकित्सक से परामर्श लेना और सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे लंपी वैक्सीन का समय पर टीकाकरण कराना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.