जमुई, मार्च 18 -- झाझा,निज संवाददाता अपने माता-पिता की लहूलुहान लाशों को देख मतक दंपत्ति के बेटे-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी सुनिता ने बताा कि जब फागू के परिजन गांव वालों संग आकर उसके घर को घेरकर उसके माता-पिता को साथ ले जाने को आमादा थे तब उसने फागू के बेटों से बहुत आरजू-मिन्नत की कि भैया इन्हें मत ले जाओ,इन्होंने कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा है। किंतु,फाग के बेटों ने उसके मां-बाप को कुछ भी नहीं होने का पूरा भरोसा दिलाते हुए अपने साथ ले गए थे। वे लोग यही कह कर सयाथ ले गए थे कि तुम्हारे पिता झाड़ फूंक जानते है अत:उसके पिता को ठीक करके फिर वापस आ जाएंगे। किंतु,बकौल बेटी,उनलोगों ने उसके मां-बाप कों ले जाकर जान मार देने का पहले से ही प्लान बना रखा था,यदि ऐसा नहीं होता तो फिर मां को भी आखिर क्यों साथ ले गए थे,सवालिया लहजे में कहा सुनित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.