बगहा, जनवरी 2 -- बैरिया/शनिचरी। हरियाणा से लौटे नारद ठाकुर ने बताया कि झज्जर में मेरी सैलून है। यहां मेरा भाई रोहित ठाकुर व साला राहुल ठाकुर नाई का काम करते थे। बुधवार शाम में दोनों ने कहा कि रेलवे ट्रैक से रील बनाकर थोड़ी देर में लौट रहे हैं। मैंने दोनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों दुकान से निकल गये। इधर, रेल ट्रैक पर दोनों रील बनाने लगे, तभी तेज रफ्तार ट्रेन उसी ट्रैक पर आ गई। दोनों जब तक कुछ समझते, ट्रेन ने दोनों को उड़ा दिया। रेलवे ट्रैक पर उनके शरीर के चिथड़े और खून बिखर गये। जानकारी मिलने पर हमलोग वहां पहुंचे। दोनों के शरीर क्षत-विक्षत हालत में रेल ट्रैक पर बिखरे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से शवों के टुकड़े को समेटा। शवों के टुकड़ों के समेटने में पुलिस को करीब पांच घंटे लगे। गुरुवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद...