सुपौल, जून 4 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि रोहिणी नक्षत्र के आज दस दिन बीतने को हैं आगता खेती करने के लिए किसान अपने -अपने खेंतों मे धान का बीज गिराने लगे है । रोहिणी नक्षत्र खरीफ फसल के लिए वरदान माना जाता है। खरीफ फसल की शुरुआत किसान रोहिणी नक्षत्र के शुरू होने के साथ ही करने लगते हैं। धान की बिछड़ा वाली खेतों में किसान जुताई करके बीज गिराने लायक तैयार करने में लग गए हैं। अच्छी पैदावार के लिए किसान रोहिणी नक्षत्र में ही धान का बिछड़ा डालने का काम करते हैं। रोहिणी नक्षत्र 25 मई से 10 जून तक रहेगी। इस दौरान किसान 140 से 160 दिन तक के प्रभेद वाले धान के बीज खेतों में गिराते हैं। किसान सोनेलाल मंडल , गुंजन कामत ,राम करण कामत , दुर्गा सिंह ,मुन्ना मेहता, रामानन्द कामत ने बताया कि लंबी अवधि के प्रभेद वाले धान के बिचड़े खेतों में रोहणी नक्षत्र के सम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.