गंगापार, फरवरी 20 -- माह-ए-रमज़ान के दूसरे दिन शुक्रवार को कस्बा भारतगंज में अकीदत और इबादत का खास माहौल रहा। डेरा वाली, गारोपुर, इस्लामिया, पठान, ईदगाह, गाड़ीवान, कटरा, तकी व सईयान आदि मस्जिदों में जुमा की नमाज़ में नमाजियों की संख्या रमजान के कारण बढ़ गई। शाम को तरावीह की नमाज़ में भी रोज़ेदारों की अच्छी खासी मौजूदगी रही। रोज़ेदारों ने मस्जिदों और घरों में इफ्तार कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। दिन भर बादल छाए रहने से हल्की ठंड रही, जिससे रोज़ेदारों को दिक्कत महसूस नहीं हुई। स्थानीय तैयबिया कादिरिया के प्रिंसिपल मुफ्ती कासिम ने बताया कि रोज़ा एक पाकीज़ा और पोशीदा (छुपी हुई) इबादत है। हदीस-ए-पाक में नबी-ए-करीम ने फरमाया है कि रोज़ा खास मेरे लिए है और इसका बदला अल्लाह खुद अता फरमाते हैं। रोज़े को इस्लाम में विशेष दर्जा हासिल है, जो इंसान को ...