पीलीभीत, अगस्त 18 -- पीलीभीत। अमरिया में अलकथान की मजरा गौंटिया के लगभग 30 पंजीकृत और अपंजीकृत मनरेगा श्रमिक मनरेगा योजना अंतर्गत मनरेगा कार्य उपलब्ध कराने के बाबत अलग-अलग लिखित मांग पत्र ग्राम रोजगार सेवक के पास जमा कराए गए थे। पर ग्राम रोजगार सेवक ने लिखित मांग पत्र लेने से इनकार कर दिया। मांग पत्र को ग्राम प्रधान/ग्राम पंचायत सचिव को भेजने की सलाह दी गई। मनरेगा के लोकपाल को भेजे पत्र में कहा गया है कि आवेदनों से कोई लेना-देना नहीं है। मायूस होकर ये मनरेगा श्रमिक अपने घर लौटे और सामूहिक रूप से एक शिकायती पत्र 16 अगस्त को लोकपाल मनरेगा पीलीभीत को व्हाट्सएप किया। शिकायत मिलने पर लोकपाल मनरेगा ने बात कार्यवाही का भरोसा दिया। बताया कि मनरेगा मांग आधारित नहीं बल्कि लक्ष्य आधारित योजना है। मनरेगा अधिनियम 2005 के अनुसार पंजीकृत श्रमिकों को एक ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.