नई दिल्ली, जनवरी 1 -- हिमांशु, एसोशिएट प्रोफेसर, जेएनयू सरकार ने दो दशक पुराने 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) का नाम और उद्देश्यों को बदलकर उसकी जगह 'विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' या वीबी-जी राम जी कानून लागू किया है। सार्वजनिक रोजगार योजनाएं लंबे समय से देश में आजीविका सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन के लिए लागू की जाती रही हैं। महाराष्ट्र में 1970 के दशक से ऐसी ही योजना प्रभावी है। हालांकि, मनरेगा में अलग बात यह थी कि इसमें हरेक ग्रामीण परिवार को मांग-आधारित और बिना शर्त रोजगार की गारंटी दी गई थी। बेशक, इसमें रोजगार की पूर्ण गारंटी नहीं थी, क्योंकि इसमें एक परिवार को अधिकतम 100 दिनों का ही रोजगार मुहैया कराने का प्रावधान था, लेकिन इसने ग्रामीण बुनियादी ढांचों में सुधार, कृषि उत्पादक...