दरभंगा, जनवरी 20 -- दरभंगा। लनामिवि के पीजी वनस्पति विज्ञान विभाग में मंगलवार को व्याख्यान का आयोजन संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के बॉटनी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एनके दुबे मुख्य वक्ता रहे। प्रो. दुबे ने कहा कि हमारे देश में पहले खानपान में देसी पौधों को भोजन के रूप में लेते थे, जिससे बीमारी नहीं होती थी और लोग दीर्घायु होते थे। देश में औषधीय पौधों एवं खाद्य पदार्थों की भरमार है, जिनके नियमित सेवन से बीमारियों को दूर किया जा सकता है। इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। कई पौधों में प्लांट प्रोटीन और स्पाइसेज के गुण होते हैं। दिलचस्प बात है कि कुछ पौधों के सेवन से क्रोध को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मांसाहार के बदले शाकाहार शरीर एवं वातावरण दोनों के लिए ...