पिथौरागढ़, जनवरी 22 -- वन विभाग ने राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के सहयोग से धारचूला के दूरस्थ गांवों के काश्तकारों को सीबक थोर्न का प्रशिक्षण दिया। गुरुवार को डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि बीते दिनों सिर्खा, सिर्दाग, बूदी व गोठी में काश्तकारों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान काश्तकारों को सीबक थोर्न की कटिंग तैयार करने, नर्सरी बनाने, पौधरोपण के साथ बेरी की प्रोसेसिंग कर पल्प, जूस, पाउडर, तेल, सूखी पत्तियों को तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। डीएफओ ने कहा सीबक थोर्न के उत्पादन को और अधिक बढ़ाने व इसके उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में पहचान देने के प्रयास किये जा रहे है। ताकि सीबक थोर्न उत्पादन में क्षेत्र को देश में नई पहचान मिल सकें। प्रशिक्षक भुवन चन्द्र मुरारी, मनोज बिष्ट ने बताया कि वन पंचायतों के स्थानीय क...
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