नई दिल्ली, मई 2 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पहलगाम की घटना के बाद हाल ही में कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा द्वारा दिए गए कथित विवादास्पद बयान के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले में सीधे हस्तक्षेप से मना करते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने याची हिन्दू फ्रंट फिर जस्टिस की अध्यक्षा रंजना अग्निहोत्री से कहा कि उनके पास अन्य कानूनी विधिक वैकल्पिक उपाय है जिसको वो अपना सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस व अन्य की ओर से दाखिल की गई। याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिका में मांग की गई थी कि न्यायालय केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वह इस मामले में एसआईटी बनाकर रॉबर्ट वाड्रा द्वारा दिए गए उस बयान की जांच कराई जाय जो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.