बुलंदशहर, अगस्त 19 -- गुलावठी,संवाददाता। देवनागरी महाविद्यालय में रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के मुख्य नियंता नरेश कुमार ने कहा कि रैगिंग एक सामाजिक बुराई है और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत अपराध है। छात्रों को परिसर के अंदर या बाहर किसी भी प्रकार की रैगिंग में शामिल नहीं होना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों का वास्तविक आभूषण उनकी प्रतिभा, अनुशासन और परिश्रम है, रैगिंग नहीं। रैगिंग से व्यक्तिगत जीवन भी प्रभावित होता है। रसायन विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता गर्ग ने कहा कि छात्रों को आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना विकसित करनी चाहिए। डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की रक्षा करना है और रैगिं...
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