गिरडीह, अगस्त 30 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। मेरा रेशम मेरा अभिमान कार्यक्रम के तहत तसर रेशम उत्पादन को मज़बूत बनाने और ग्रामीण किसानों को सशक्त बनाने हेतु शनिवार को देवघर जिला के मधुपुर और बेंगाबाद के सीमावर्ती इलाका कारीपहाड़ी गांव में तसर रेशमकीट पालन तकनीकों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय रेशम बोर्ड (सीएसबी), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखंड राज्य रेशम उत्पादन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण में 100 रेशम उत्पादन किसानों ने भाग लिया था। इस अवसर पर सीएसबी काठीकुंड के वैज्ञानिक-सी डॉ. शुद्धसत्व ने सीएसबी द्वारा विकसित कई नई तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसमें रेशम अंडा धोने की मशीन, पेब्राइन विज़ुअलाइज़िंग सॉल्यूशन, ड्यूप्राटेक्स और जीवन सुधा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रेशम अंडा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.