प्रयागराज, जनवरी 19 -- रेलवे विजिलेंस जांच प्रक्रिया को और सख्त करते हुए रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू होने पर उसे केवल लंबित नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि क्लीनचिट या दोषारोपण पर स्पष्ट निर्णय देना अनिवार्य होगा। इसके लिए सभी जोनल रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) को निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर विजिलेंस (ई) अलिंद शेखर की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जनरल मैनेजर को किसी भी केस को बोर्ड को भेजने से पहले स्पेशल पांच बिंदुओं पर स्पष्ट सिफारिश करनी होगी। इसमें कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका, सजा की प्रकृति, भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग की मंशा, विजिलेंस एंगल तथा गंभीर मामलों में सीबीआई जांच की आवश्यकता पर ठोस राय शामिल होगी। यह आदेश एनसीआर के जीएम नरेश पाल सिंह सहित...
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